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महिला ने दिया "प्रग्नेंट" बेबी गर्ल को जन्म, डॉक्टर्स के भी उड़ गए होश

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एक महिला ने 'प्रेग्नेंट' बेबी को जन्म दिया है. जन्म के ठीक एक दिन बाद ही बेबी गर्ल का इमरजेंसी सी सेक्शन किया गया. एक रेयर मेडिकल कंडीशन की वजह से ऐसा हुआ. ये मामला कोलंबिया के बरानकिला की रहने वाली महिला मोनिका वेगा का है. डिलीवरी के बाद उन्होंने अपनी बेबी का नाम इत्जामरा रखा है. बच्ची की तबीयत में सुधार हो रहा है.  द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, मोनिका की डिलीवरी से पहले ही डॉक्टरों को अल्ट्रासाउंड से दौरान रेयर मेडिकल कंडीशन की जानकारी मिल गई थी. अल्ट्रासाउंड से पता चला था कि महिला के दो umbilical cords हैं.
 
डॉक्टरों ने पाया कि दो umbilical cords जुड़वां बच्चों के नहीं हैं. असल में बच्ची ने एक अविकसित भ्रूण को अपने गर्भ में अवशोषित कर लिया था. इस बेहद रेयर मेडिकल कंडीशन को 'fetus in fetu' या फिर परजीवी जुड़वां (parasitic twin) कहते हैं. परजीवी जुड़वां बच्चे कभी भी पूरी तरह विकसित नहीं होते हैं. महिलाएं इस कंडीशन की शिकार तब होती हैं जब एक जुड़वां बच्चे का विकास गर्भावस्था के दौरान रुक जाता है. लेकिन वह पूरी तरह विकसित होने वाले बच्चे से जुड़ा रहता है.
 
हालांकि, इससे पहले भी डॉक्टर्स ने मोनिका को बताया था कि उनकी डिलीवरी तुरंत करनी पड़ेगी. डॉक्टरों को डर था कि परजीवी जुड़वां बढ़ सकता है और बेबी के अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. बेबी इत्जामरा के जन्म के 24 घंटे बाद ही डॉक्टरों ने सी सेक्शन सर्जरी की. डॉक्टरों ने पाया की बेबी के पेट में परजीवी जुड़वां मौजूद है. हालांकि, परजीवी जुड़वां का दिल या दिमाग विकसित नहीं हुआ था. बेबी इत्जामरा के जन्म के 24 घंटे बाद ही डॉक्टरों ने सी सेक्शन सर्जरी की. 
 
वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि अब बेबी इत्जामरा को कोई दिक्कत नहीं होगी. ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, परजीवी जुड़वां का मामला 5 लाख बच्चों की डिलीवरी में एक बार ही सामने आया है. ज्यादातर बार अल्ट्रासाउंड के दौरान परजीवी जुड़वां का पता चल जाता है. लेकिन कुछ ऐसे भी केस देखने को मिले हैं जब कई सालों तक वह बच्चे के पेट में बढ़ता रहा. 

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