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आज हैं मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए मंत्र और पूजा फल

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27 मार्च दिन शुक्रवार यानी आज नवरात्रि के पूजा का तीसरा दिन हैं. इस दिन के पूजा और आराधना का विशेष महत्व हैं. माता दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम चंद्रघंटा है। नवरात्रि के तीसरी पूजा के दिन इनका पूजा किया जाता हैं. माता दुर्गा का यह स्वरुप परम शान्तिदायक और कल्याणकारी माना जाता हैं. बाघ पर सवार मां चंद्रघंटा के शरीर का रंग स्वर्ण के तरह चमकता होता है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। माँ चंद्रघंटा के दसों भुजाओं में अलग-अलग शस्त्र विभूषित है। 
 
माँ चंद्रघंटा का पूजा मंत्र-
 
"या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नमः।"

पिंडजप्रवरारूढा, चंडकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं, चंद्रघंटेति विश्रुता।।

पूजा का फल- 
माँ चंद्रघंटा के पूजा आराधना से चिरायु, आरोग्य, सुखी और संपन्न होने का वरदान प्राप्त होता है। मां चंद्रघंटा अपने भक्तों को सभी कष्ट से निवारण देती हैं. 

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