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पुलवामा हमले की बरसी पर जानिये पूरा घटनाक्रम

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तीन दशकों का सबसे बड़ा हमला, दिलों को दहला देने वाली आतंकी घटना, देश के लोगों को झकझोर देने वाला ये हमला आज ही के दिन 14फरवरी 2019को जम्मू और कश्मीर के पुलवामा जिले में हुआ, एक ओर जहां लोग 14फरवरी को मोहब्बत के रूप में मनाते हैं वहीं दूसरी ओर नफरत का सैलाब देखने को मिला, जहां सिर्फ कुछ सैनिक शहीद नहीं हुए बल्कि कई बहनें विधवा हो गई, कई मासूम अनाथ हो गए, कई माओं की गोद सूनी हो गई, कई बुजुर्गों के बुढ़ापे की लाठी टूट गई, कोई भाई अपनी बहन से जुदा हो गया तो किसी घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया पुलवामा में नफरत की आग ने कई बेकसूरों की जान ले ली जिसके लिए पूरा देश उनकी शहादत को हमेशा के लिए याद रखेगा, पुलवामा हमले में क्या हुआ, कैसे और कब इस हमले को अंजाम दिया गया पढ़िये विस्तार से -

कहां और कब हुआ हमला –

केन्द्रशासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर से 40कि॰मी॰ दूर पुलवामा जिला पड़ता है यहां सबसे ज़्यादा दुग्ध उत्पादन होता है जम्मू और कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक इलाका अवन्तिपोरा है जहां पर इस घटना को अंजाम दिया गया था। 14फरवरी 2019को शाम के लगभग 3:30  बजे यह घटना हुयी। जहां आतंकवादियों के द्वारा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के भारतीय सुरक्षा कर्मियों के काफिले को निशाना बनाकर हमला किया गया जिसमें लगभग 40से ज़्यादा जवान शहीद हो गए थे। काफिले में 78गाड़ियां शामिल थी जिसमें 2547जवान यात्रा कर रहे थे।

कैसे हुआ हमला –

 जवानों के 78गाड़ियों का लंबा काफिला राष्ट्रीय राजमार्ग से बढ़ता हुआ जा रहा था काफिले के दौरान आम नागरिकों के लिए भी रास्ता खुला हुआ था इसी का फायदा उठाते हुए 20साल का नौजवान आतंकी आदिल अहमद डार ने आत्मघाती हमला किया जहां उसने विस्फोटक पदार्थों से भरी कार से काफिले की 5वीं गाड़ी को अपना निशाना बनाया यह धमाका इतना तेज़ था कि सुरक्षा बल के वाहन के परचख्खे उड़ गये, धुओं के छटते ही घायल जवानों को अस्पतालों तक पहुंचाया गया लेकिन इस पूरे हमले में भारत के 40से ज़्यादा जवान शहीद हो गए।

हमले की किसने रची साजिश –

हमले के बाद पाकिस्तान ने निंदा की और हमले में अपना हाथ ना होने की बात भी की लेकिन हमले की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन जैशे मोहम्मद ने ली, वही जैशे मोहम्मद जिसका सरगना हाफिज़ सईद है और पाकिस्तान उसे अपनी पूरी मदद पहुंचाता है, यही वजह रही जिसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से सभी संबन्ध को रोक लिया और सीमा पार में बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर के आतंकी ठिकानों पर बमबाजी की भारत के इस मुहंतोड़ जवाब में कितने आतंकी मारे गए यह तो स्पष्ट नहीं है मगर इस हमले में पाकिस्तान को काफी खामियाजा भुगतना पड़ा।

कहां तक पहुंची जांच –

पुलवामा में हुए इस हमले की जांच केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी NIA को सौंपी थी, एजेंसी ने FIR कर इसपे जांच शूरू की और अब तक कई ठिकानों पर छापेमारी कर संदिग्धों को हिरासत में लिया है हालांकि अभी तक इस जांच में कोई चार्जशीट दाखिल नही की गई है। यह जांच कब तक पूरी होगी अभी यह भी स्पष्ट नही है।

अब कितने पुख्ता इंतेज़ाम –

इस आतंकी हमले के बाद CRPF की सुरक्षा में कई तरह के बदलाव किए गये, अब जहां भी जवानों का काफिला गुज़ारा जाता है वहां आम वाहनों को वर्जित कर दिया जाता है, जम्मू से कश्मीर जाने वाले जवानों को एयरलिफ्ट कर भेजा जाता है अगर सरकारी विमान उपलब्ध नहीं हो पाता है तो निजी विमानों से जवानों को भेजा जाता है जिसका खर्च भारत सरकार उठाती है, इसके अलावा भी कई ऐसे कदम उठाए गये हैं जो जवानों को सुरक्षित रखती हैं।

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