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गोल्डन एरो स्क्वाड्रन संग्रहालय का हुआ उद्घाटन, राफेल लड़ाकू विमान की होगी उड़ान

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भारतीय वायु सेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने अंबाला में गोल्डन एरो स्क्वाड्रन संग्रहालय का उद्घाटन किया IAF चीफ बीएस धनोआ ने कहा कि 'गोल्डन एरो ' पेशेवर उत्कृष्टता और समर्पण का एक प्रतीक रहा है। अंबाला के साथ 17 स्क्वाड्रन का जुड़ाव 1951 में यहां बनने के बाद से ही है। यह फिर अंबाला में वापस आ गया है।
 
ndian Air Force (IAF) के एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने 17 स्क्वाड्रन को फिर से जीवित किया जो राफेल को संचालित करने वाली पहली इकाई होगी। धनोआ कहते हैं, "यह मुझे कमांडिंग ऑफिसर नामित ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह को स्क्वाड्रन इंसिग्निया सौंपने में अपार खुशी देता है। "
 
इस स्क्वाड्रन का गठन 1951 में हुआ था और शुरुआत में यह डे हैवीलैंड वैम्पायर एफ एमके 52 लड़ाकू विमानों को उड़ाती थी। वायुसेना ने राफेल विमानों की तैनाती के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इन तैयारियों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और पायलटों का प्रशिक्षण भी शामिल है। यह पहली यूनिट होगी जो कि फ्रांस से आ रहे राफेल लड़ाकू विमान को उड़ाएगी। इस महीने के अंत या अक्टूबर के पहले हफ्ते में पहला लड़ाकू विमान भारत को मिल सकता है। इस एयर फोर्स स्टेशन को वायुसेना के सबसे अहम सामरिक बेसों में से एक माना जाता है। 

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