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GST रेट कई सेक्टर में हो सकती है कम, ऑटो सेक्टर में राहत मुश्किल

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भारतीय अर्थव्यवस्था में चल रही मंदी को दूर करने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठा रही है. इस कोशिश में आगे बढ़ने के लिए जीएसटी काउंसिल की  बैठक 20 सितंबर को होने वाली है जिसमें  इंडस्ट्री को कई वस्तुओं पर GST रेट कम होने की उम्मीद है. खबरों के अनुसार, जीएसटी काउंसिल बैठक के एजेंडा में उन सेक्टर में रेट कट पर विचार किया जा रहा है जिन सेक्टर में मांग और बिक्री में गिरावट के कारण काफी परेशानी चल रही है. एजेंडा के अनुसार, बिस्किट, होटल जैसी इंडस्ट्री को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन ऑटो सेक्टर में GST रेट कम होने की उम्मीद मुश्किल है.
 
शुक्रवार को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में बिस्किट, माचिस, आउटडोर कैटरिंग सेगमेंट, ऑटोमोबाइल के जीएसटी रेट में बदलाव की बात एजेंडे में की गई है. लेकिन काउंसिल के सूत्र के हवाले से, एजेंडा से यह नहीं लगता कि इन सभी सेक्टर की जीएसटी रेट में कमी हो पाएगी.
 
मंदी के संकट से परेशान चल रहे ऑटो इंडस्ट्री के लोग कारों पर जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की उम्मीद जता रहे हैं. इस इंडस्ट्री के लोगों के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल की बैठक ऐसे जरूरी समय में हो रही है, जब आने वाले कुछ ही हफ्तों में त्योहार का सीजन शुरू होने वाला है और उन्हें वाहन की सेल के लिए ग्राहकों को आकर्षक ऑफर भी देने होंगे. ऐसे में अगर जीएसटी रेट घटती है तो इस सेक्टर की मांग में तेजी आ सकती है.
 
ऑटो सेक्टर में जीएसटी कट पर है विरोध
 
केरल जैसे कई राज्य ऑटो सेक्टर में जीएसटी रेट कट का विरोध कर रहे हैं. जीएसटी काउंसिल की फिटमेंट कमेटी ने इस बात पर विचार किया है कि अगर ऑटो सेक्टर की GST रेट में कमी की जाती है तो इसका क्या प्रभाव होगा और उनका ऐसा मानना है कि अगर कटौती की जाती है तो उससे जीएसटी कलेक्शन को तगड़ी चोट लगेगी, क्योंकि सालभर में इस सेक्टर से कुल 50 से 60 हजार करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन होता है.
 
ऑटो सेक्टर में थोड़ी राहत की उम्मीद
 
सूत्रों के अनुसार, सरकार का इस मामले में जो भी निर्णय होगा वो राजनीतिक ही होगा. अगर बहुत ज्यादा समस्या हुई तो फ़िलहाल कुछ समय के लिए ऑटो सेक्टर की GST रेट में कटौती की जा सकती है.
 
होटल और अन्य इंडस्ट्री को मिल सकती है राहत

होटल इंडस्ट्री को राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है. अभी 7500 रुपये प्रति नाइट स्टे से ज्यादा चार्ज करने वाले सभी लग्जरी होटल को 28 प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता है, लेकिन जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद इन्हें राहत मिलने की उम्मीद है. सूत्रों के हवाले से, टूरिज्म को बढ़ावा देने के पीएम के आह्वान को ध्यान में रखते हुए 10 से 12 हजार रुपये प्रति नाइट स्टे तक चार्ज करने वाले होटलों को 18 प्रतिशत जीएसटी रेट देना होगा ऐसी उम्मीद है. आउटडोर कैटरर्स में भी 18 प्रतिशत टैक्स में कटौती हो सकती है. वहीं माचिस इंडस्ट्री को भी 2 तरह की GST रेट से काफी परेशानी हो रही है और काउंसिल उसे भी कुछ राहत दे सकती है.
 
जीएसटी काउंसिल के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि जीएसटी संग्रहण 1 लाख करोड़ रुपये के उद्देश्य से कम हुआ है. ऐसे में काउंसिल को यह भी काम  करना है कि कुछ वस्तुओं पर रेट बढ़ाकर टेक्स कलेक्शन को बढ़ाये.

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