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माथे की लकीरों का होता है अलग-अलग महत्व, जानें

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अक्सर आपने माथे की लकीरों को भाग्य से जोड़ने वाली बातें सुनी होंगी. लोगों को कहना है कि माथे की इन रेखाओं में ही इंसान का भाग्य कैद होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं माथे की सभी लकीरों का अलग-अलग महत्व होता है. आइए जानते हैं इसके बारे में...

धन से जुड़ी पहली लकीर

- माथे की पहली लकीर जो भौहों के काफी निकट होती है, धन की लकीर होती है

- ये लकीर जितनी साफ और स्पष्ट होगी, उतनी ही अच्छी आर्थिक दशा होगी.

- इस लकीर का टूटा होना या छोटा होना बार-बार आर्थिक स्थिति में उतार चढ़ाव दिखाता है.

 

सेहत से जुड़ी दूसरी लकीर

- भौहों के निकट की लकीर के बाद दूसरी लकीर , स्वास्थ्य की लकीर होती है

- ये लकीर गाढ़ी और साफ होने से व्यक्ति स्वस्थ होता है, पतली और हल्की होने से बीमार रहता है.

- इस लकीर का टूटा होना या ऊपर-नीचे होना लम्बे समय तक चलने वाली बीमारी का संकेत देता है.

 

भाग्य से जुड़ी तीसरी लकीर

- नीचे से पायी जाने वाली तीसरी लकीर भाग्य की होती है और कम लोगों के माथे पर पायी जाती है

- छोटी ही सही अगर ये माथे पर हो तो व्यक्ति भाग्यवान होता है

- एक साथ तीन सीधी लकीरों का माथे पर होना व्यक्ति को अतीव भाग्यवान बनाता है.

 

उतार-चढ़ाव से जुड़ी चौथी लकीर

- ये लकीर भी माथे पर कम होती है , पर अगर होती है तो जीवन में काफी उतार चढ़ाव आते हैं

- आयु के 26 वर्ष से 40 वे वर्ष तक उतार-चढ़ाव और संघर्ष के बाद ऐसे लोग खूब सफल होते हैं

- आमतौर पर ऐसे लोग उम्र के 40 वर्ष के बाद खूब सफलता पाते हैं और एक से अधिक संपत्ति भी बना लेते हैं.

 

क्यों खतरनाक पांचवी लकीर?

- आम तौर पर पांचवी लकीर का होना माथे में ढेर सारी लकीरों का होना दिखाता है

- इस तरह की ढेर सारी लकीरें व्यक्ति को चिंतित रखती हैं , कितनी भी सफलता और सम्पन्नता क्यों न हो, व्यक्ति को किसी न किसी कारण चिंता बनी रहती है.

- ऐसे लोग कभी कभी सब कुछ त्याग कर वैराग्य की ओर चले जाते हैं.

 

क्या है छठी लकीर का मतलब?

- नाक की सीध में ऊपर जाने वाली सीधी लकीर, दैवीय लकीर होती है.

- ऐसी लकीर यह दर्शाती है कि व्यक्ति पूर्व जन्म के शुभ संस्कारों से बंधा हुआ है और इसके ऊपर दैवीय कृपा है

- आम तौर पर ऐसी लकीर वाले लोग अचानक आश्चर्यजनक रूप से उन्नति कर जाते हैं.

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