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आखिर क्यों, बॉडी पर हावी हो जाता है Stress

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तनाव हमेशा बुरा नहीं होता...जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा है कि तनाव हमेशा बुरा नहीं होता है। जब तक कि यह आपकी लाइफ को अलग-अलग तरीके से प्रभावित ना करने लगे। पिछले कई दशकों से वैज्ञानिक इस दिशा में शोध कर रहे हैं कि तनाव किस तरह हमारे बॉडी ऑर्गन को प्रभावित करता है। हाल ही होक्काइडो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस बात को उजाकर किया और तनाव के काम करने का तरीका बताया।
 
शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि नॉन कोडिंग RNA फाइन ट्यूनिंग जीन की स्ट्रेस रिकवरी के दौरान एक अलग ही रोल में होते हैं। जब स्ट्रेस होता है, उस दौरान कुछ खास कोशिकाएं रायानिक तत्वों या हीट के संपर्क में आती हैं और फिर ये न्यूक्लियर स्ट्रेस बॉडीज बनाने में सहायता करती हैं। फिर जब तनाव या स्ट्रेस रिलीज हो जाता है तो सभी ऑर्गन्स RNA सेग्मेंट की रिटेंशन को प्रमोट करने करने लगते हैं। यह स्टडी The EMBO Journal में प्रकाशित की गई।
 
स्ट्रेस कैसे काम करता है
किसी मानसिक या शारीरिक समस्या के कारण तनाव में आ जाना एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा हर इंसान के साथ हो सकता है। लेकिन अगर यह तनाव लंबे समय तक बना रहे और हमारी मानसिक स्थिति के साथ ही शारीरिक गतिविधियों को भी नियंत्रित करने लगे तब यह तनाव मेडिकल एक्सपर्ट्स की मदद से ही दूर किया जा सकता है। हमारे समाज में जिस तेजी के साथ मानसिक बीमारियां बढ़ रही हैं, अब सायंटिस्ट्स भी इस दिशा में अधिक से अधिक शोध कर रहे हैं। ताकि परेशान मरीजों को उनकी स्थिति के अनुरूप जल्द से जल्द प्रभावी मेडिकल सहायता दी जा सके।
 
स्टडी के दौरान रिसर्चर्स ने यह भी पाया कि जब उन्होंने न्यूक्लियर स्ट्रेस बॉडीज को हटा दिया गया तो स्ट्रेस रिकवरी के दौरान इंट्रोन में एक अलग तरह का सप्रेशन देखने को मिला। इस शोध से यह बात साफ हो गई कि स्ट्रेस रिकवरी के दौरान न्यूक्लियर स्ट्रेस बॉडीज कैसे काम करती हैं।

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