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cervical cancer: महिलाओं में बढ़ती जा रही है सर्वाइकल कैंसर की समस्या...जानें क्या है कारण, लक्षण और उपाय?

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नई दिल्ली: मानव अपने जीवन में अनेक बीमारियों से जूझता रहता है और कोई लिवर की समस्या से, कोई किडनी की समस्या से तो टी.वी. या दामा से। इन्हीं बीमारियों में एक ऐसी बीमारी भी है जिसका नाम सुनकर लोग स्तब्ध हो जाते हैं और उसका अभी तक कोई इलाज भी नहीं बना है और वो है कैंसर। कैंसर पीड़ित अपनी बीमारी के बारे में जानने के बाद से ही जिंदगी की उल्टी गिनती शुरु कर देते हैं। कैंसर की बात करें तो इनके भी अनेक प्रकार है उनमें से एक है सर्वाइकल कैंसर जो आजकल महिलाओं में ज्यादा देखने को मिल रहा है। ग्लोबोकैन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 में वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर के 604,100 नए मामलों का पता चला और 341,831 लोगों की इस साल इस कैंसर के कारण मौत हो गई।
 
हम आज आपको सर्वाइकल कैंसर के बारे में बताने जा रहे हैं कि ये आखिर होता क्यों है?इसके लक्षण क्या है?और इसका इलाज क्या है?
 
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर क्या होता है?
सर्वाइकल कैंसर से आपको रूबरू दें कि यह एक प्रकार का कैंसर है जो गर्भाशय के निचले सिरे से शुरू होता है जो ऊपरी योनि से संपर्क करता है जिसे गर्भाशय ग्रीवा कहा जाता है। मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के खिलाफ स्क्रीनिंग और टीकों तक पहुंच की कमी के कारण अधिकांश विकासशील देशों में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर मौत का एक आम कारण है।
 
सर्वाइकल कैंसर का क्या कारण है?
अधिकांश सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के कारण होते हैं। एचपीवी वायरस का एक समूह है जो दुनिया भर में बेहद आम है। एचपीवी के 100 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें से कम से कम 14 कैंसर पैदा करने वाले हैं यदि आप इम्यूनोसप्रेसिव दवाओं का अधिक सेवन करती हैं, धूम्रपान करती हैं तो भी इसका जोखिम हो सकता है। एक अध्ययन से पता चलता है कि अधिकांश लोगों के जीवन में कभी न कभी एचपीवी का संक्रमण होता है पर उन्हें इसका एहसास नहीं होता क्योंकि उनका शरीर, संक्रमण से मुकाबला करके उसे खत्म कर देता है।
 
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण-
इसलिए नियमित तौर पर जांच कराते रहना चाहिए, जिससे शुरुआती स्टेज पर ही बीमारी की पहचान हो सके। मासिक स्राव में अनियमितता, माहवारी के अलावा भी रक्त स्राव होना, शारीरिक संबंध बनाने के बाद रक्त स्राव होना, मीनोपॉज के बाद रक्त स्राव होना, दुर्गंधयुक्त स्राव होना आदि सर्वाइकल कैंसर के लक्षण हैं। अगर आखिरी स्टेज के लक्षण की बात करें तो गर्दन की गांठ, सीने में दर्दऔर पीठ में दर्द इस बीमारी के आखिरी लक्षण है।
 
पहली स्टेज में किया जा सकता है इलाज
पहली स्टेज में आपरेशन या रेडियोथेरेपी द्वारा इसका इलाज किया जा सकता है। यदि कैंसर दूसरी स्टेज से ऊपर है तो रेडियोथेरेपी के साथ कीमोथेरेपी के प्रयोग से इस पर विजय पाई जा सकती है। एडवांस स्टेज में भी रोगी के लक्षणों को काबू किया जा सकता है और उम्र बढ़ा पाना संभव है।
 
कैंसर से बचने के लिए क्या खाना चाहिए?
इस बीमारी से बचने के लिए ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए जो खाने में आसान, ताजा और उच्च पानी की मात्रा वाले होते हैं, जैसे जामुन, खरबूजा, केला, अनानास, नाशपाती आदि का सेवन कर सकते हैं। ब्लूबेरी में कई फाइटोकेमिकल्स और पोषक तत्व होते हैं,जो कैंसर विरोधी प्रभाव, एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि और डीएनए को नुकसान से बचाने की क्षमता दिखाते हैं।
 
रोकथाम को लेकर 1 सितंबर को पहली वैक्सीन लॉन्च की गई
सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर गुरुवार 1 सितंबर को भारत में पहली स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वैक्सीन के माध्मय से आने वाले वर्षों में कैंसर के इस गंभीर खतरे और मृत्युदर को काफी हद तक कम करने में सफलता मिल सकती है। सर्वाइकल कैंसर, मुख्यरूप से ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के विभिन्न वैरिएंट्स के कारण होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैंसर के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को इससे बचाव के उपाय करते रहने चाहिए। 
 

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