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ज्यादा फ्रूट जूस पीने से कम होती है उम्र : स्टडी

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लोग जूस और फ्रूट का ज्यादा से ज्यादा सेवन इसलिए करते हैं क्योंकि, उन्हें लगता है कि फ्रूट वाली जूस के सेवन से शरीर तन्दुरुस्त रहता है और शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जिससे हमारे आहार की मात्रा संतुलित रहता है. यानि सीधे शब्दों में सिर्फ भोजन के माध्यम से हमारे शरीर को सारे पोशक तत्व नहीं मिल पाते हैं जिसे पूरा करने के लिए हमें जूस, अंडे या किसी बाहरी पोषक तत्व को लेने की आवश्यकता पड़ती है.

लेकिन, हाल ही में एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी मिली है कि फ्रूट जूस के सेवन से समय से पहले मौत की संभावना कई गुना बढ़ जाता है.  कोला, सोडा वाली ड्रिंक या लेमेनेड आपकी सेहत को जितना नुकसान पहुंचाते हैं उससे कहीं ज्यादा सेहत के लिए नुकसानदेह है फ्रूट जूस।

100 पर्सेंट फ्रूट जूस की तुलना कोला और लेमेनेड से

हाल ही में हुई एक नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि वैसे लोग जो बहुत ज्यादा शुगरी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस का सेवन करते हैं उनमें किसी भी वजह से समय से पहले मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अमेरिका के अनुसंधानकर्ताओं ने पहली बार 100 पर्सेंट फ्रूट जूस की तुलना कोला और लेमेनेड जैसे मीठे पेय पदार्थों से की। स्टडी में अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि शुगरी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस दोनों में काफी समानताएं हैं और इन दोनों के सेवन से समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में और रिसर्च करने की जरूरत है।

ज्यादा फ्रूट जूस पीने से समय से पहले मौत का खतरा 24 प्रतिशत

एक्सपर्ट्स की मानें तो यह स्टडी बेहद अहम है, बावजूद इसके हर दिन 150 एमएल गिलास वाले फ्रूट जूस का सेवन करने से किसी तरह का खतरा नहीं है। हालांकि बहुत ज्यादा फ्रूट जूस का सेवन करने से समय से पहले मौत का खतरा 24 प्रतिशत बढ़ जाता है। वहीं, सोडा वाले शुगरी ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन करने से समय से पहले मौत का खतरा 11 प्रतिशत बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि बहुत ज्यादा फ्रूट जूस का सेवन, सोडा वाले ड्रिंक्स से भी ज्यादा हानिकारक है।

सोडा, शुगरी ड्रिंक्स और फ्रूट जूस के सेवन की जांच

जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल असोसिएशन (JAMA) में प्रकाशित इस नई रिसर्च में 13 हजार 440 लोगों के डेटा की जांच की गई। सवाल-जवाब वाले एक क्वेश्चनेयर के जरिए इन लोगों के सोडा और शुगरी ड्रिंक्स के इनटेक के साथ-साथ 100 पर्सेंट फ्रूट जूस के सेवन के आंकड़ों को भी रेकॉर्ड किया गया और यह जानने की कोशिश की गई आखिर वे कब और कितना इन ड्रिंक्स का सेवन करते हैं।

फ्रूट जूस और शुगरी ड्रिंक्स के न्यूट्रिएंट कंटेंट भी एक जैसे

6 साल के फॉलोअप के दौरान पता चला कि एक औसत के मुताबिक करीब 1 हजार लोगों की मौत किसी भी वजह से हो गई जबकि 168 लोगों को मौत कोरोनरी हार्ट डिजीज यानी हृदय संबंधी बीमारियों की वजह से हुई। अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो इस रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि बहुत ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थ जिसमें सोडा, लेमेनेड और फ्रूट जूस जैसे ड्रिंक्स शामिल हैं का संबंध बढ़े हुए मृत्यु दर से है। यहां तक की 100 पर्सेंट फ्रूट जूस और शुगर स्वीटेंड बेवरेज (SSB) का न्यूट्रिएंट कंटेंट भी एक जैसा होता है।

 

 

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