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Hockey World Cup: भारत के पास क्वार्टर फाइनल खेलने का आखिरी मौका, 48 साल का सूखा होगा खत्म ?

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नई दिल्ली: ओडिशा में 15वां हॉकी वर्ल्ड कप जारी है। आज भारतीय टीम का मुकाबला क्रॉसओवर राउंड में न्यूजीलैंड के साथ होना है। टीम इंडिया ने इस टूर्नामेंट में शानदार शुरूआत की थी। 13 जनवरी को हुए पहले मैच में स्पेन को हराते हुए टीम इंडिया ने ग्रुप स्टेज के सभी मैचों में जीत दर्ज की। लेकिन प्वाइंट टेबल पर टॉप पर न रहने के कारण भारतीय टीम आखिरी आठ टीमों में सीधे जगह नहीं बना सकी।

न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला अहम

भारतीय हॉकी टीम का रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ क्रॉसओवर मुकाबला काफी अहम होने वाला है। टीम अगर इस मैच को जीतने में सफल हुई तो वो क्वार्टरफाइनल में एंट्री कर लेगी। भारतीय टीम अगर वेल्स जैसी कमजोर टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करती तो वो क्वार्टर फाइनल राउंड का टिकट सीधे हासिल कर सकती थी।

भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए पूल डी के अपने अंतिम मैच में वेल्स पर आठ गोल के अंतर से जीत दर्ज करने की जरूरत थी लेकिन भारतीय फॉरवर्ड अच्छा खेल नहीं दिखा पाए। भारत  उस मुकाबले को आखिर में  4-2 से ही जीत सका। भारतीय टीम को अब क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए न्यूजीलैंड को किसी भी हाल में हराना बेहद जरुरी है। जो पूल सी में तीसरे स्थान पर रहा था।

भारतीय टीम के 200 गोल

भारतीय हॉकी टीम ने हॉकी विश्व में अपने 200 गोल पूरे कर लिए हैं। 13 जनवरी को स्पेन के खिलाफ अमित रोहिदास के गोल लगाते ही भारतीय टीम ने यह उपलब्धि हासिल की। बता दें भारतीय हॉकी टीम से पहले ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और पाकिस्तान की टीमें हॉकी विश्व कप में 200 गोल दागने का कारनामा कर चुकी हैं।

48 साल का सूखा होगा खत्म?

देश को 15वें हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम से उम्मीदें बढ़ गई है। भारत के 135 करोड़ देशवासी चाहते हैं कि टीम इंडिया इस साल वर्ल्ड कप जीतकर 48 साल का सूखा खत्म करे। बता दें भारतीय हॉकी टीम ने साल 1975 में अजित पाल सिंह की कप्तानी में वर्ल्ड कप पर अपना कब्जा जमाया था। जिसको अब एक लंबा अरसा हो चुका है। इस बार भारतीय हॉकी टीम को विश्व विजेता बनाने की  जिम्मेदारी  टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के कंधो पर है।

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