add image
add image

पूजा में प्रयोग होने वाला कलश का महत्व

news-details

हिंदु धर्म में पूजा - पाठ का बहुत महत्व है. इस धर्म को लोगों को पूजा में रखे जाने वाले कलश के बारे में पता ही होगा. सभी के घरों में पूजा के समय या हवन के समय इस कलश को घर में स्थापित किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि कलश में सभी देवी देवताओं की शक्ति का वास होता है और साथ ही एक पौराणिक कथा इससे जूडी है जो शायद बहूत से लोगो को नहीं पता होगी. आइए पौराणिक कथा के साथ उन बातों को जानते हैं कि आखिर पूजा के समय कलश की स्थापना अनिवार्य क्यों होती है ?

कलश की पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार राजा जनक खेत में हल चला रहे थे, तभी उनका हल जमीन में गड़े कलश से टकराया. जब कलश को बाहर निकाला गया तो उसमें एक कन्या निकली, जिसे जनक घर ले गये और उस कन्या का नाम जनक ने सीता रख दिया. जी हां मां सीता का जन्म भी कलश में ही हुआ था.

समुद्र मंथन से निकला कलश
एक बार जब देवताओ द्वारा समुद्र मंथन हुआ तो उस मंथन के दौरान कलश की प्राप्ति हुई.इन्ही खास वजहो के कारण कलश को इतना पवित्र माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार कलश में त्रिदेव विराजमान होते हैं, इसी खास वजह से पूजा में कलश का विशेष स्थान होता है.

कैसे करे कलश का स्थापना

कलश को जहां स्थापित करना हो वहां अष्टदल बनायें फिर वहां चावल रखे,ध्यान रहे चावल के उपर ही कलश रखा जाता है, उसके बाद कलश में जल,दुर्वा,इलायची,पान, सुपारी सभी चीजे डालें. इसके बाद कलश के उपर पान के पत्ते रखकर स्वस्तिक बनाये फिर धुप बत्ती से पूजा करके उसकी स्थापना कर दें.

  • Tags
  • #

You can share this post!

Loading...