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BSNL ने लगाई पीएम मोदी से मदद की गुहार, कर्मचारियों को सैलरी देने के भी नहीं है पैसे

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सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल ने सरकर को एक SOS  भेजा है जिसमे कंपनी को कार्यरत रखने में अक्षमता जताई है.कंपनी का कहना है की कैश की कमी होने की वजह से कंपनी जून महीने की लगभग 850 करोड़ रुपये सैलरी दे पाने में असमर्थ हैं. इतना ही नहीं कंपनी के उपर अभी भी 13 हजार करोड़ की लायबिलिटी है जिसकी वजह से बीएसएनएल का कारोबार पहले से ही डावाडोल है. 

बीएसएनएल के कॉर्पोरेट बजट एंड बैंकिंग डिवीज़न के सीनियर जनरल मैनेजर पूरन चंद्रा ने टेलिकॉम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी को एक पत्र लिखा जिसमे उन्होंने कहा है की हर महीने के खर्चे और रेवेन्यू में बहुत जादा अंतर आने की वजह से कंपनी का संचालन कर पाना मुश्किल है क्योंकि अब यह ऐसे स्तर पे आ पहुचा है जहाँ बिना किसी पर्याप्त हिस्से को शामिल किये बीएसएनएल को आगे बढ़ाना मुश्किल है.

 आपको बता दें की बीएसएनएल सबसे जादा घाटा सहने वाली टॉप पीएसयू है और कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक बीएसएनएल ने दिसम्बर 2018 में 90,90000 करोड़ रूपये से भी ज्यादे का घाटा सहना पड़ा था.

बीएसएनएल के इंजिनियरों और लेखा पेशेवरों के एक संघ ने रविवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से कंपनी के फिर से कार्यरत बनाने की आग्रह किया है.उनका कहना है की बीएसएनएल के उपर कोई कर्ज नही है और इसकी बाज़ार में भी जो हिस्से है उसमे भी लगातार इजाफ़ा हो रहा है.इसलिए ऐसे में कंपनी को फिर से खड़ा करने की बात कही गयी है और जो अपना कम पूरी इमानदारी से कर रहें हैऔर जो नही कर रहे है उनके लिए उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

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