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प्रदूषण और पराली जलाने को लेकर आमने-सामने पंजाब-हरियाणा के सीएम... सैटेलाइट तस्वीरें बयां कर रही हकीकत

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देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हवा में घुला जहर धीरे-धीरे लोगों की जिंदगियों में घुल रहा है उनके स्वास्थ्य पर भयानक असर डाल रहा है लेकिन नेता हैं कि बाज़ नहीं आ रहे। हर साल दिवाली के बाद इसी तरह की स्थिति बन जाती है और हर साल इस समस्या का समाधान निकालने की बजाय नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में लग जाते हैं और जनता अपनी बेबसी के साथ इसी जहरीली हवा में सांस लेकर दिन गुजारती है।

प्रदूषण और आरोप-प्रत्यारोप

दिवाली की आतिशबाजी और उसके बाद उत्तरी राज्यों पंजाब और हरियाणा में जलने वाली पराली, पहले से ही प्रदूषित दिल्ली की आबोहवा को और जहरीला बना देती है। हर साल दिल्ली के मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर इसका ठीकरा पंजाब हरियाणा के किसानों पर फोड़ देते हैं लेकिन इस बार जब पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की सरकार है तो अब प्रदूषण का ठीकरा हरियाणा पर फोड़ा जा रहा है।

इसे लेकर हरियाणा और पंजाब के सीएम आमने-सामने भी हैं। पंजाब के सीएम भगवंत मान का कहना है कि केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को बदनाम कर रही है जबकि हरियाणा के शहर ज्यादा प्रदूषित हैं

वहीं हरियाणा के सीएम का कहना है कि हरियाणा में पराली जलाने को लेकर पंजाब के सीएम केजरीवाल की तरह राजनीति कर रहे हैं। हरियाणा के सीएम का कहना है कि हरियाणा में इस साल अब तक पराली जलाने की महज 2249 घटनाएं सामने आई हैं, जबकि पंजाब में पराली जलाने के केस में 20 परसेंट बढ़े हैं। पंजाब में अब तक पराली जलाने के 21 हजार 500 मामले सामने आए हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों में दिख रहा सच

पंजाब भले ही अपने राजनीतिक इंट्रेस्ट के कारण हरियाणा पर आरोप लगा रहा हो लेकिन सेटेलाइट इमेज से उनका ये आरोप खोखला साबित हो रहा है। सेटेलाइट की तस्वीरों में हीट मैप देखने पर ये साफ दिखाई दे रहा है कि पूरे पंजाब में बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा रही है इसके मुकाबले हरियाणा में कुछ जगहरों पर ही पराली जलाई गई। तो अगर पंजाब के सीएम कहते हैं कि उनके राज्य के किसानों को बेवजह बदनाम किया जा रहा है तो ये सरासर गलत है। क्योंकि हीट मैप सच बयां कर रहा है।

हरियाणा के सीएम की पंजाब को सलाह

हरियाणा के सीएम ने आंकड़ों के साथ पंजाब के सीएम भगवंत मान को जवाब दिया और साथ ही ये सलाह भी दे डाली की हरियाणा की तरह पंजाब को भी पराली प्रबंधन के इंतजाम करने चाहिए।

सीएम मनोहर लाल के मुताबिक हरियाणा सरकार पराली न जलाने और उसके उचित प्रबंधन के लिए किसानों को 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देती है। किसानों को पराली की गांठ बनाने के लिए 50 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि और पराली प्रबंधन के उपकरणों पर सब्सिडी देती है। फसल अवशेष प्रबंधन के उपकरण पर 50 प्रतिशत तथा कस्टम हायरिंग सेंटर पर 80 प्रतिशत अनुदान देती है। अगर किसान करनाल और पानीपत के इथेनाल प्लांट में पराली की गांठें बनाकर ले जाता है तो उसे दो हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अगर किसान किसी गौशाला में पराली ले जाता है तो उसे 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। रेड जोन क्षेत्र में पराली न जलाने पर पंचायत को सरकार 10 लाख रुपये तक पुरस्कार देती है। सीएम मनोहर का कहना है कि पिछले वर्ष पराली प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने 216 करोड़ का प्रावधान किया था।

हरियाणा में किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने से लेकर उन पर सख्ती बरतने तक हर तरह से समझाने की कोशिश की जा रही है। जिसके नतीजे भी सामने आ रहे हैं और किसान पराली नहीं जला रहे हैं।

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