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लोक सभा चुनाव 2019

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कांग्रेस के पक्ष में बात न बनी तो हम नेतृत्व स्वीकार कर लेंगे, एनडीए को रोकना हमारा मकसद : गुलाम नबी आजाद

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लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के मतदान से पूर्व ही कांग्रेस अपने आप को सियासी रेस से बाहर मानने लगी है. दरअसल, ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि, कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने मीडिया से बात करते हुआ कहा कि कांग्रेस पार्टी को अगर बहुमत नहीं मिलती है तो हम बड़े त्याग के लिए भी तैयार हैं.

उन्होंने बीजेपी की रथ यात्रा रोकने के लिए दूसरी पार्टीयों के साथ गठबंधन करने के लिए भी संकेत देते हुए कहा कि  'हम पहले ही अपना स्टैंड क्लियर कर चुके हैं। यदि कांग्रेस के पक्ष में सहमति बनती है तो हम नेतृत्व स्वीकार करेंगे। लेकिन, हमारा लक्ष्य हमेशा यह रहा है कि एनडीए की सरकार सत्ता में वापस नहीं लौटनी चाहिए। हम सर्वसम्मति से लिए गए फैसले के साथ जाएंगे।'

उन्होंने कहा- 'जब तक हमें पीएम का पद ऑफर नहीं किया जाता है, हम इस बारे में कुछ नहीं कहेंगे और किसी के भी जिम्मेदारी संभालने पर ऐतराज नहीं होगा।' बता दें कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि उसे आम चुनाव में जीत का भरोसा है तो पीएम पद के अपने उम्मीदवार का ऐलान करे।‘

आपको बता दें, इससे पहले कांग्रेस के सीनियर नेता कपिल सिब्बल ने कहा था कि उनकी पार्टी को बहुमत मिलने का चांस नहीं है। एक इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने कहा था कि कांग्रेस को अपने दम पर बहुमत मिलने का चांस नहीं है, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन की सरकार बन सकती है। यही नहीं कपिल सिब्बल ने कहा कि यदि कांग्रेस को आम चुनाव में 272 सीटें मिलती हैं तो फिर राहुल गांधी को पीएम पद के लिए नामित करना चाहिए।

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